तालीम अधूरी है अभी
तुझे मालूम है रास्ता पर इन अंधेरों में
एक चराग़ ज़रूरी है अभी
तुम कहते हो कि रह जाओ कुछ दिन और
रब से मिलनी मंज़ूरी है अभी
एक चराग़ ज़रूरी है अभी
तुम कहते हो कि रह जाओ कुछ दिन और
रब से मिलनी मंज़ूरी है अभी
Meri mohabbat ki saza bemisaal di usne, udaas rehne ki aadat daal di usne, maine jab bhi apna bnaana chaha usko, baato-baato me baat hi taal di usne