Saturday, April 28, 2012

काश के इन्सान ……!!

काश- के -इन्सान
पंछी सा होता …..
उड़ जाता पंख फैलाकर चाहे जहाँ
चाहे जहाँ जाना होता ………………


न जरुरत होती बड़े से घर की
बस एक छोटे से घोसले में रह लेते
पेटीज , बर्गर , चाउमीन, चिप्स कुरकुरे कुछ न होते
बस चावल के दानो से अपना पेट भर लेते
न cold drinks न bislari ka pani
बस talab ka pani होता
काश के इन्सान ………..


न padhne की tansion होती
घर ka kam न karna होता
jite jindgi uchhal kud kr
कहीं kisi ka dar न होता
काश के इन्सान …………….


kabhi desh में mahngai न होती
न कहीं bharshtachar ही होता
नफरत की कोई दीवार न होती
सारी दुनिया में बस प्यार ही प्यार होता
काश- के- इन्सान ……………
……

Saturday, April 14, 2012

ज़िंदगी के रंग






बच्चे का रोना
खुशियों का खजाना
मुबारक हो
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उनीदीं आँखे
किलकारी उसकी
सुकूं देती है .

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Baby_walking : First steps Stock Photo
चलना सीखा
हाथ थाम के मेरा
कदम बढे .

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बड़ा हो गया
समझ बढ़ गयी
हम नादान .

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इस उम्र में
झटक दिया हाथ
सन्न हुयी मैं

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शोर ही शोर
सैलाब यहाँ वहाँ
नम हैं आँखें

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